भारत की आज़ादी के बाद क्या भारत का दुख दर्द खत्म हो गया “नहीं”.जिस वजह से हमारे महान राजा रानी, पूर्वज, और स्वतंत्रता सेनानी बाहर के देशों से लड़ते रहे है. वो वज़ह थी अखंड भारत का सपना और भारत की संस्कृतियों से सब को प्रभावित करना, हमारे पूर्वज जानते थे.अखंड भारत और यहां की संस्कृतियाँ परम्पराएं और वेदों का ज्ञान भारत के सस्त्र, विज्ञान, टेक्नोलॉजी, फिलासफी,, व्यवसाय प्रबंधन, इत्यादि. हमारे ना जाने कितने लोग भारत माता के लिए शहीद हो गए कितना तो सहा है हम लोगों ने दुख, दर्द, गुस्सा, तकलीफ़ बात ये है जो बाहर के लोग आक्रमणकारी नहीं कर पाए .वो भारत के कुछ लोगों ने कर दिखाया एक दम निच काम मुझे औr आप लोगों को दुख होना चाइये भारत की आज़ादी किस को खों कर मिली है अखण्ड भारत को खण्ड खण्ड कर के बात चुभ ने वाली पर सत्य हैं. भारत की सरकार “कॉंग्रेस” ने ये कर दिखाया भारत को तोड़ दिया कई हिस्सों में . गाँधीजी को मैं महात्मा नहीं मानता ना आपना आइडल इसलिए मैं उन्हें गाँधीजी ही बोलूंगा
15 अगस्त 1947 को हमारा भारत आजाद हुआ सब खुशिया मना रहे थे लेकिन दुख ज़्यादा क्युकी एक दिन पहेले 14 अगस्त 1947 भारत का दो हिस्सा टूटा पाकिस्तान और बांग्लादेश जो पहेले पाकिस्तान का हिस्सा था 1971 तक. भारत के टुकड़े करना का निर्णय कुछ चुनिन्दा महान लोगों ने लिया कॉंग्रेस श्रीमान गाँधीजी और जवाहरलाल नेहरू ये वो लोग थे जिनको भारत के बारे में कम और आपने बारे मे ज्यादा सोचते थे आज हमने इनलोगों को कई उपाधि दे रखी है गाँधीजी को राष्टीयपिता और नेहरू जी को चाचा ये बहोत आचार्य जाना बाद है पिता कभीं आपने घर या परिवार को अलग नहीं करता. ये उपाधिय भारत के लोगों ने तो नहीं दी हम लोगों इने आदर्श और महान बना दिया जब नेहरू जी शपथ दिलाना था तो लॉर्ड माउंटबेटन ने दिलाया क्यु वहा पर इतने आदर्शवादी लोग थे वो भी करवा सकते थे एक अंग्रेज ने आपको शपथ दिलवाया आखिर क्यु?
कुछ लोगों भारत के भविष्य के बारे मे नहीं सोचा 1947 मे भारत के आजादी के साथ साथ भारत के टुकड़े हुए गाँधीजी के विचार गलत निकले पाकिस्तान और भारत के लोगों हिंसा का जन्म हुआ 10 लाख लोग मारे गए कितने घायल और कितने तो बेघर हो गए भारत आए दस हजार से ज्यादा बहनों की अस्मिता पर हमला हुआ। और ये सब सही आंकडे नहीं है क्युकि सरकारी सूचना थी अभी तक कोई बता पाया नहीं है.
नेहरूजी और गाँधीजी और भी लोग शामिल है इसमे अगर चाहते तो ये सब नहीं होता इन्होंने सब टूटने दिया बर्बाद होने दिया गाँधीजी ने पाकिस्तान को 55 करोड़ दिए पाकिस्तान ने भारत से मांगा ही था और उन्होंने दे भी दिए अगर देना तो शर्त रख देते की पाकिस्तान इसे गोला बारूद नहीं खरीदेगा या कुछ और भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार मे लगाएगा लेकिन नहीं इन्होंने ये 55 करोड़ ऐसे ही दे दिए.
कॉंग्रेस और गाँधीजी इतने कमाल के थे कि ये भारत की सेना को खत्म (DESOLVE) करना चाहते थे और ये लोग ऐसे कर भी देते पता नहीं उस समय इनके विचार कौन से स्तर पर थे/ अभी देश आजाद हुआ है. सेना का सहयोग जरूरी है हमारे देश की सेनाओं ने इतने बलिदान दिए है उनको सम्मान देने ki बदले आप लोग उनने खत्म करना चाहते हो ये भारत को दुबारा गुलाम बनवाना चाहते थे. अगर पाकिस्तान और चीन या कोई और देश आक्रमण करे तो ये शान्ति से लढाई करेगे
नेहरूजी को डर था सेना कहीं ताकतवर हो गयी तो इने प्रधानमंत्री की गड्डी से हटा दिया जाएगा सेना इने तो उखाड़ फेकेगी.
अगर ये लोग नेता सुभाष चंद्र बोस के रास्ते पर चले होते ये सब नहीं होता.
ऐसी और भी बातें जो मे आपको अगली आर्टिकल में बताउंगा अगर आप जाने के लिए उत्सुक है तो comment, like, share, करे और कमेन्ट मे लिखे पार्ट 2

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